समझौता ज्ञापन कम्पनी के प्रबन्धन एवं भारत सरकार के मध्य एक पराक्रम्य समझौता होता है। जिसके अन्तर्गत प्रत्येक वर्ष के आरम्भ में कम्पनी निर्धारित लक्ष्यो को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध होती है। सार्वजनिक उपक्रमों के प्रदर्शन स्तर को बढ़ाने एवं उसको और सशक्तिकरण बनाने के लिए समझौता ज्ञापन, भारत सरकार की प्रमुख नीति है। जिससे वे निजी क्षेत्र के साथ बराबरी का मुकाबला कर सकें। उद्यम के प्रबन्धन को उसके प्रदर्शन के लिए सरकार के प्रति उत्तरदायी बनाया जाता है। सरकार प्रमुख शेयर धारक होने के कारण एम.ओ.यू. लक्ष्यों के निर्धारण एवं वर्ष के अन्त में उसके प्रदर्शन पर नियन्त्रण रखती है। सभी सार्वजनिक उपक्रमों के उसके प्रशासनिक मंत्रालय/नियन्त्रक कम्पनी के साथ एम.ओ.यू. करना आवश्यक होता है।

कम्पनी उर्वरक विभाग के साथ प्रतिवर्ष समझौता करती है। पिछले पांच वर्षो का कम्पनी का एम.ओ.यू. प्रदर्शन निम्न हैः-

वित्तीय वर्ष  रैंकिग
2016-17 उचित
2015-16 अच्छा
2014-15 उत्कृष्ट
2013-14 उत्कृष्ट
2012-13 उत्कृष्ट

 एम.ओ.यू. 2018-19